हैदराबाद में शुक्रवार को मक्का मस्जिद में विस्फ़ोट के बाद शहर में कर्फ्यू जैसी स्थिति है और मुस्लिम संगठनों एवं वामपंथी दलों ने आज बंद का आह्वान किया है ।
मक्का मस्जिद में जुमे की नमाज़ के वक्त हुए विस्फ़ोट और उसके बाद पुलिस फायरिंग में में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है और दर्ज़नों घायल हो गए थे ।
उधर मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा है कि विस्फ़ोट के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बारे में 24 घंटों में पता लगा लिया जाएगा ।
पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है जहां विस्फ़ोट के बाद लोगों ने ज़बर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया ।
संवाददाताओ का कहना है कि मारे गए 13 लोगों में से कई ऐसे हैं जो विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए हैं ।
फायरिंग के कारण लोगों में बेहद नाराज़गी है और उनका कहना है कि पुलिस पूरे मामले में असफल रही और उसने बेगुनाह लोगों पर गोलियां चलाईं ।
मुख्यमंत्री ने भी माना कि पुलिस फायरिंग में एक दो लोगों की मौत हुई है ।
इत्तेहाद उल मुसलमीन ने आज बंद का आह्वान किया है जिसका कुछ वामपंथी दलों ने समर्थन किया है ।
पुलिस को आशंका है कि पुलिस फायरिंग में मौतों के कारण लोगों का रोष बंद के दौरान निकल सकता है ।
मारे गए लोगों के जनाज़े ले जाते समय भी माहौल तनावपूर्ण रहेगा और इसके लिए सुरक्षा इंतज़ाम कड़े किए जा रहे हैं ।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने मारे गए लोगों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपए मुआवज़ा देने की घोषणा की है और कहा है कि विस्फ़ोट के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बारे मे चौबीस घंटे में पता लगा लिया जाएगा ।
शांति की अपील
17 वीं शताब्दी की मक्का मस्जिद हैदराबाद की सबसे बड़ी मस्जिद है और शहर के सबसे संवेदनशील इलाक़े में स्थित है ।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि मालेगाँव और दिल्ली की जामा मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद पुलिस से कहा गया था कि यहाँ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दें लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया ।
जब विस्फोट हुआ तो आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली में थे। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते कहा है कि असामाजिक तत्वों ने माहौल ख़राब करने के लिए यह विस्फोट किया गया है ।
उन्होंने कहा कि पिछले कोई ढाई महीने से केंद्रीय गृहमंत्रालय और राज्य की ख़ुफ़िया एजेंसियों से सूचनाएँ मिली थीं कि कुछ तत्व गड़बड़ी फैला सकते हैं ।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने उनसे बात की है और केंद्र से हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का वादा किया है ।
Saturday, May 19, 2007
हैदराबाद में आज बंद का आह्वान
Friday, May 18, 2007
पंजाब में तनाव, आज कैबिनेट की बैठक
पंजाब में 'डेरा सच्चा सौदा' के अनुयायियों और सिख समुदाय के बीच तनाव कायम है ।
स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है ।
इस बीच केंद्र सरकार के निर्देश पर रवाना हुए अर्धसैनिक बलों को राज्य के संवेदनशील इलाक़ों में तैनात किया जा रहा है ।
केंद्र सरकार ने डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय की सुरक्षा के लिए भी अर्धसैनिक बल भेजे हैं ।
इस बीच संगरूर के सूनाम इलाक़े में गुरुवार रात डेरा समर्थकों और तलवंडी में सिख धार्मिक नेताओं की बैठक से लौट रहे लोगों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई ।
शुक्रवार को भी डेरा और सिख संगठनों की ओर से प्रदर्शन होने की आशंका जताई जा रही है ।
कैबिनेट की बैठक
पंजाब में जारी तनाव के बीच मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है ।
माना जा रहा है कि इसमें स्थिति से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। कैबिनेट के अलावा सत्तारूढ़ अकाली दल और विपक्षी पार्टी कांग्रेस की भी बैठक होगी जिसमें यह मामला छाए रहने की संभावना है ।
ग़ौरतलब है कि सिखों के पाँच वरिष्ठ धार्मिक नेताओं की गुरूवार को भटिंडा के तलवंडी सैबो में हुई अहम बैठक में डेरा सच्चा सौदा के अध्यक्ष गुरमीत राम रहीम सिंह को तीन दिनों के भीतर गिरफ़्तार करने की माँग की है ।
अकाल तख़्त के जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंजाब सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर डेरा के ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे ख़ुद कोई कार्रवाई करने को बाध्य होंगे ।
Thursday, May 17, 2007
50 साल बाद दोनों कोरिया के बीच ट्रेन
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच पचास साल में पहली बार ट्रेनों का आना-जाना शुरु हो रहा है ।
दोनों देशों की सीमा पर अभी भी सेना की भारी भरकम तैनाती है ।
ट्रेन उत्तर कोरिया से चलेगी और दूसरी दक्षिण कोरिया से और दोनों में 150 यात्री होंगे। सौ दक्षिण कोरियाई और पचास उत्तर कोरियाई ।
पाँच डिब्बों वाली ये ट्रेनें 25 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी ।
दोनों देशों के बीच रेल संपर्क ऐसे समय में फिर से स्थापित हो रहा है जब दोनों के बीच तनाव अभी ख़त्म नहीं हुआ है ।
तकनीकी रुप से देखें तो दोनों के बीच युद्ध जारी है क्योंकि 1953 के कोरियाई युद्ध को लेकर औपचारिक युद्ध विराम अभी भी नहीं हुआ है ।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री ली जाए-जून ने कहा, "यह सिर्फ़ परीक्षण ट्रेनें नहीं हैं, यह रूकी हुई ख़ून की धारा को फिर से प्रवाहित करने जैसा है । "
उधर उत्तर कोरिया के अधिकारी क्वोन हो-उंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता को पटरी से नहीं उतरना चाहिए ।
रिश्ते में सुधार
दक्षिण कोरिया इस बीच उत्तर कोरिया से संबंध सुधारने के बहुत से प्रयास कर रहा है और रेल संपर्क को दक्षिण कोरिया में ऐसे ही एक प्रयास के रुप में देखा जा रहा है ।
हालांकि दक्षिण कोरिया ने सीमापार से कई बार ट्रेनों की आवाजाही का प्रस्ताव रखा था लेकिन फ़िलहाल उत्तर कोरिया सिर्फ़ परीक्षण के लिए तैयार हुआ है ।
ट्रेन उसी सीमा से पार होगी जिसमें अभी भी भारी संख्या में बारूदी सुरंग बिछी हुई है और जहाँ अक्सर दोनों देशों के बीच झड़पें हो जाया करती हैं ।
दोनों देशों के बीच चार किलोमीटर का क्षेत्र विसैन्यीकृत क्षेत्र है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र की इस सीमा को उत्तर कोरिया नहीं मानता ।
फ़ायदे की उम्मीद
ट्रेनें दो अलग पटरियों पर दौड़ेंगी और इन दोनों की ही देखरेख दक्षिण कोरिया कर रहा है।
इनका निर्माण हाल ही में किया गया है ।
रेल संपर्क स्थापित करने के प्रयास इससे पहले भी हुए थे लेकिन वे असफल हो गए थे ।
उम्मीद की जा रही है कि रेल संपर्क स्थापित होने से दोनों देशों को फ़ायदा होगा ।
दक्षिण कोरिया को लगता है कि वह उत्तर कोरिया में उपलब्ध सस्ते मज़दूरों का उपयोग करके अपना उत्पादन बढ़ा सकता है और अपना निर्यात बढ़ा सकता है ।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को इस रेल संपर्क के बदले आठ करोड़ डॉलर का ऐसा सामान देने का वादा किया है जिससे उत्तर कोरिया के छोटे उद्योंगों को फ़ायदा होगा ।
Wednesday, May 16, 2007
बोर्ड के सामने पेश हुए विश्व बैंक प्रमुख
विश्व बैंक का कार्यकारी बोर्ड बैंक के अध्यक्ष वुल्फ़ोवित्ज़ से पूछ रहा है कि अपनी प्रेमिका को पक्षपातपूर्ण तरीके से वेतन बढ़ोत्तरी देने के आरोप में उनसे इस्तीफ़ा क्यों न मांगा जाए।
कार्यकारी बोर्ड के 24 सदस्यों का पैनल इस मामले में बैंक प्रमुख से पूछताछ कर रहा है। यह पूछताछ बुधवार को भी जारी रहेगी । इससे पहले मंगलवार को विश्व बैंक की विशेष समिति ने माना था कि विश्व बैंक अध्यक्ष पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने अपनी प्रेमिका को भारी वेतन बढ़ोत्तरी देकर आचार संहिता को तोड़ा है । हालांकि पहले व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया था कि वो वुल्फ़ोवित्ज़ के साथ है पर ताज़ा ख़बरों के मुताबिक व्हाइट हाउस ने भी माना है कि विश्व बैंक प्रमुख से ग़लती हुई है । इस टिप्पणी को बैंक प्रमुख के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है क्योंकि व्हाइट हाउस ने इससे पहले इस बारे में कुछ नकारात्मक नहीं कहा था। बैंक प्रमुख व्हाइट हाउस के क़रीबी रहे हैं । विशेष समिति की रिपोर्ट को मंगलवार को विश्व बैंक के कार्यकारी बोर्ड के समक्ष रखा गया जिसके बाद बोर्ड ने बैंक अध्यक्ष को जवाब तलब किया है । दूसरी ओर पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ इस्तीफ़ा देने से इनकार कर चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसा उनके ख़िलाफ़ एक सोचे-समझे षडयंत्र के तहत हो रहा है ।
विवादों में बैंक प्रमुख
विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के नामांकन के समय से ही वुल्फ़ोवित्ज़ विवादों में रहे हैं और बैंक में भी दो साल के कार्यकाल में उनकी कई मुद्दों पर बैंक के अन्य अधिकारियों के साथ नहीं बनी । अमरीका के उप रक्षामंत्री रह चुके वुल्फ़ोवित्ज़ को इराक़ युद्ध में अपनी भूमिका के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था । उन्होंने विश्व बैंक में आने के बाद अपनी प्रेमिका शाहा रिज़ा का वेतन बढ़ाया और उन्हें पदोन्नति भी दे दी । वुल्फ़ोवित्ज़ ने जब 2005 के मध्य में बैंक की बागडोर संभाली थी तो हितों के टकराव को रोकने के लिए रिज़ा का स्थानांतरण विदेश विभाग में कर दिया गया था । विश्व बैंक के कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ के इस्तीफ़े की माँग की थी वुल्फ़ोवित्ज़ ने इस मुद्दे पर माफ़ी मांगी थी लेकिन इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया था ।
Tuesday, May 15, 2007
'फ़र्ज़ी मुठभेड़' की सीबीआई जाँच पर फ़ैसला
इसी महीने की तीन तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' मामले में गुजरात पुलिस को दो हफ़्ते में अंतिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था ।
इस फ़ैसले के ठीक पहले यानी सोमवार को गुजरात सरकार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है ।
माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट को देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह फ़ैसला लिया जा सकता है कि इस मामले की सीबीआई जाँच हो या नहीं ।
ग़ौरतलब है कि 26 नवंबर, 2005 को गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि उनके आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में सोहराबुद्दीन नाम के एक व्यक्ति को मार दिया गया है जो कि एक चरमपंथी था और उसके चरमपंथी संगठनों से ताल्लुक थे ।
अपील
पुलिस की इस कार्रवाई को फ़र्ज़ी मुठभेड़ बताते हुए सोहराबुद्दीन के भाई ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय की फ़रियाद की थी ।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए इसकी जाँच के आदेश जारी कर दिए थे ।
जाँच के दौरान राज्य सीआईडी ने पुलिस की भूमिका को लेकर कुछ आपत्तियाँ भी जाहिर की थीं जिसके बाद तीन आईपीएस अधिकारियों डीजी वंजारा (उपमहानिरीक्षक, सीमा क्षेत्र, गुजरात), राजकुमार पांडियन (पुलिस अधीक्षक, इंटेलिजेंस ब्यूरो) और दिनेश एमएन (पुलिस अधीक्षक, अलवर, राजस्थान) को गिरफ़्तार कर लिया गया था ।
गुजरात सरकार ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पहले ही मान चुकी है कि कथित फ़र्जी मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दीन की पत्नी क़ौसर बी की भी हत्या हो चुकी है और उसके शव को जला दिया गया था ।
Monday, May 14, 2007
मारन ने मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दिया
दयानिधि मारन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है।
उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने के डीएमके के फ़ैसले के बाद उन्होंने रविवार की रात अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को भेज दिया।
उल्लेखनीय है कि रविवार को ही डीएमके ने केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन को वापस बुलाने का फ़ैसला किया था।
अलावा उन्हें पार्टी की ओर से एक कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी फ़ैसला किया गया कि क्यों न उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया जाए। पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी अनुशासन का पालन नहीं किया और पार्टी को बदनाम किया।
पिछले कुछ दिनों से करुणानिधि और मारन परिवार के बीच चले आ रहे तनाव के बाद यह फ़ैसला लिया गया है।
केंद्र की यूपीए सरकार का एक प्रमुख घटक दल है ।
पार्टी के ख़िलाफ़ नहीं
अपना इस्तीफ़ा भेजने के बाद जारी एक बयान में दयानिधि मारन ने करुणानिधि के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि उन्होंने तीन साल तक बतौर केंद्रीय मंत्री उन्हें देश की सेवा करने का मौक़ा दिया।
ऊटी में जारी एक बयान में उन्होंने कहा है, "मैंने पार्टी के ख़िलाफ़ कोई काम नहीं किया और न ही अपने नेता करुणानिधि के ख़िलाफ़। मैं आगे पार्टी विरोधी किसी गतिविधि में शामिल नहीं रहूँगा।"
उनका कहना था, " मैं अपने नेता (करुणानिधि) की सहायता से ही बड़ा हुआ हूँ और उन्होंने ही मुझे पद दिया। इसलिए मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।"
सर्वेक्षण का विवाद
41 वर्षीय दयानिधि मारन दिवंगत डीएमके नेता मुरासोली मारन के बेटे हैं और करुणानिधि के भतीजे भी ।
तनाव की शुरुआत मारन परिवार के अख़बार दिनकरण में प्रकाशित एक सर्वेक्षण के बाद हुई थी ।
डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री करुणानिधि के उत्तराधिकार को लेकर किए गए एक सर्वेक्षण में कहा गया था कि 70 प्रतिशत लोग करुणानिधि के छोटे बेटे स्तालिन को उनका उत्तराधिकारी मानते हैं और 30 प्रतिशत लोग बड़े बेटे अलेगिरी को ।
इस सर्वेक्षण के प्रकाशित होने के बाद करुणानिधि के परिवार की अंदरूनी खींचतान सार्वजनिक हो गई है।
इस सर्वेक्षण के प्रकाशन के बाद अख़बार के दफ़्तर पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में तीन लोगों की जान भी चली गई ।
मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने इसकी सीबीआई जाँच करवाने की घोषणा की है ।
कहा जाता है कि करुणानिधि ने मारन परिवार से इस तरह का कोई सर्वेक्षण प्रकाशित न करने को कहा था क्योंकि उन्हें अपने उत्तराधिकार की चर्चा पसंद नहीं और वे कोई विवाद भी नहीं चाहते थे ।
रविवार को करुणानिधि की अध्यक्षता में हुई डीएमके की बैठक दो घंटे से भी अधिक समय तक चली ।
इस बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर हाईप्रोफ़ाइल संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री दयानिधि मारन को वापस बुलाने का फ़ैसला किया गया ।
स्थानीय पत्रकार रशीदा भगत का कहना है कि पार्टी में बहुत दिनों से इस बात पर आपत्ति की जा रही थी कि राजनीतिक वज़न कम होने के बावजूद दयानिधि मारन को बहुत महत्व दिया जा रहा है ।
पार्टी के नेताओं को आपत्ति थी कि पार्टी के हर कार्यक्रम में दयानिधि मारन करुणानिधि के बगल में खड़े दिखाई पड़ते हैं।