पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को समर्थन देने वाली पाकिस्तान मुसलिम लीग (क़ायदे आजम) के प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि विपक्षी दलों ने चुनावों में बढ़त हासिल कर ली है।
पीएमएल-क्यू के प्रवक्ता तारीक़ अज़ीम ने कहा कि यदि शुरुआती नतीजों की पुष्टि होती है तो पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार है।
समाचार एजेंसी एएफ़पी के साथ बातचीत में तारिक़ अज़ीम ने कहा कि शुरुआती नतीजों में नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो को 'बड़ी सफलता' हासिल हुई है।
उनका कहना था,'' यदि नतीजों की पुष्टि होती है तो हम प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाएँगे।''
दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों के समर्थकों ने अभी से जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
हालांकि अभी नेशनल और प्रांतीय असेंबलियों के लिए हुए चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ घंटों में नतीजे आ जाएँगे।
बेनज़ीर भुट्टो के कुछ युवा समर्थक कराची की सड़कों में जश्न मनाने में जुट गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) मु्ख्य राजनीतिक विपक्षी पार्टियाँ हैं।
शुरुआती रुझानों के अनुसार उनके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं और परवेज़ मुशर्रफ़ के कई निकटतम सहयोगी अपनी सीटें हार गए हैं।
ख़बरों के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के अधीन प्रधानमंत्री रहे पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क़ायदे आजम) के चौधरी शुजात हुसैन नेशनल असेंबली का चुनाव हार गए हैं।
मुशर्रफ़ के विश्वस्त और पूर्व मंत्री शेख़ रशीद अहमद रावलपिंडी सीट से हार गए हैं।
चुनावी हिंसा
ग़ौरतलब है कि सोमवार को शाम बजे मतदान पूरा हुआ था और मतदान के दौरान देश भर के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की ख़बरें आई थीं। ग़ैर आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक हिंसा में 10 से ज़्यादा लोग मारे गए थे।
मतदान संसद के निचले सदन यानी नेशनल असेंबली की 272 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की 577 सीटों के लिए हुआ है।
नेशनल और प्रांतीय असेंबलियाँ
पंजाब: 445 सीटें, 3214 उम्मीदवार
सिंध: 191 सीटें, 2095 उम्मीदवार
सूबा सरहद: 134 सीटें, 1025 उम्मीदवार
बलूचिस्तान: 65 सीटें, 684 उम्मीदवार
परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता के मुताबिक रावलपिंडी में मतदान के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि जो भी चुनाव में जीतेगा उसके साथ मिलकर काम किया जाएगा।
मतदान के दौरान प्रांतीय असेंबली के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के उम्मीदवार चौधरी आसिफ़ अशरफ़ की गाड़ी को निशाना बनाकर हमला किया गया जिसमें उनकी मौत हो गई। हमले में उनके ड्राइवर और निजी सचिव भी मारे गए।
एक अन्य घटना में लाहौर में ही पीएमएल (नवाज़) के चुनावी दफ़्तर पर अंधाधुंध फ़ायरिंग में एक व्यक्ति मारा गया।
कड़े इंतज़ाम
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पूरे देश में लगभग 80 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
मतगणना
मतगणना का काम अभी जारी है
कुल 7, 335 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और करीब आठ करोड़ नौ लाख मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत थे।
पाकिस्तान के चुनावी इतिहास में पहली बार मतपेटियों को पारदर्शी बनाया गया।
पिछले दिनों हुई हिंसा की घटनाओं के कारण इस ऐतिहासिक चुनाव में तनाव और डर का साया मंडराता रहा है।
मतदान के दौरान धाँधली की आशंकाएँ भी जताई जाती रही हैं।
ये चुनाव पहले आठ जनवरी को होने थे लेकिन 27 दिसंबर को एक रैली में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद चुनाव 18 फ़रवरी तक के लिए टाल दिए गए थे।
दुनिया भर की नज़रें इस समय पाकिस्तान पर टिकी हुई हैं। चुनावों का जायज़ा लेने के लिए दुनिया भर से क़रीब सौ पर्यवेक्षक और पत्रकार पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में पहुँचे हुए हैं।
Tuesday, February 19, 2008
मुशर्रफ़ का दल 'चुनावों में पिछड़ा'
Monday, February 18, 2008
पाकिस्तान में तनाव के बीच मतदान शुरू
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. पूरे देश में लगभग 80 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
संसद के निचले सदन यानी नेशनल असेंबली की 272 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की 577 सीटों के लिए मतदान हो रहा है.
मतदान स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े आठ बजे) शुरू हुआ और शाम पाँच बजे तक चलेगा.
इसके लिए कुल 7, 335 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और आठ करोड़ नौ लाख मतदाता इनके राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला करेंगे.
नेशनल और प्रांतीय असेंबलियाँ
पंजाब: 445 सीटें, 3214 उम्मीदवार
सिंध: 191 सीटें, 2095 उम्मीदवार
सूबा सरहद: 134 सीटें, 1025 उम्मीदवार
बलूचिस्तान: 65 सीटें, 684 उम्मीदवार
देश भर में कुल एक लाख 70 हज़ार मतदान केंद्रों की स्थापना की गई है. पाकिस्तान के चुनावी इतिहास में पहली बार मतपेटियों को पारदर्शी बनाया गया है.
पिछले दिनों हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि 35 हज़ार सैनिकों और 47 हज़ार अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है.
पिछले दिनों हुई हिंसा की घटनाओं के चलते इस ऐतिहासिक चुनाव में तनाव और डर का साया साफ नज़र आ रहा है.
मतदान के दौरान धाँधली की आशंकाएँ भी जताई जा रही हैं.
हालांकि पाकिस्तान के चुनाव आयुक्त क़ाज़ी मोहम्मद फ़ारुक़ ने दोहराया है कि क़ानून व्यवस्था को क़ायम रखते हुए चुनाव बिल्कुल निष्पक्ष कराए जा रहे हैं.
मतदान के पहले हिंसा
शनिवार को क़बायली इलाक़े पारचिनार में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यालय में हुए आत्मघाती हमले में 40 से अधिक लोग मारे गए थे और 90 से अधिक घायल हो गए थे.
पाकिस्तानी सैनिक
हिंसा और तनाव के साए के बीच पाकिस्तान में मतदान हो रहा है
रविवार को भी मुस्लिम लीग(नवाज़) के कार्यालय में हमला हुआ और क्वेटा में एमक्यूएम के कार्यालय में भी एक बम विस्फोट हुआ. इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं.
इन चुनाव से पाकिस्तान में सैन्य शासन का अंत हो जाएगा हालाँकि आशंकाएँ जताई जा रही हैं कि इससे अस्थिरता का एक नया दौर शुरू होगा.
इन चुनावों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें भी लगी हुई हैं और चुनावों का जायज़ा लेने के लिए दुनिया भर से क़रीब सौ पर्यवेक्षक और पत्रकार पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में पहुँचे हैं.
इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता राजेश जोशी का कहना है कि इन इंतज़ामों के बावजूद लोगों में मन में डर है और दहशत साफ़ दिखती है.
संवाददाताओं का कहना है कि हो सकता है कि इस डर के कारण मतदान करने के लिए कम लोग बाहर निकलें.
आशंकाएँ
ये चुनाव पहले आठ जनवरी को होने थे लेकिन 27 दिसंबर को एक रैली में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद चुनाव 18 फ़रवरी तक के लिए टाल दिए गए थे.
नवाज़ शरीफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी
दोनों प्रमुख विपक्षी दलों को चुनाव में धांधली की आशंका है
पाकिस्तान की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने आशंका जताई है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के सहयोगी चुनाव में धाँधली कर सकते हैं.
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर चुनाव में गड़बड़ी हुई तो वो इसका विरोध करेंगे.
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार आगे चल रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होने जा रहे हैं.
पीपीपी का कहना है कि मुशर्रफ़ का समर्थन करने वाली पीएमएल-क्यू फ़र्जी मतदान करने वाली है.
पीपीपी की प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी ने भी कहा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थक फ़र्जी मतदान की योजना बना चुके हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि अगर चुनाव साफ़ सुथरे हुए तो तीनों प्रमुख पार्टियों में से किसी को भी बहुमत हासिल होने की संभावना नहीं है और एक त्रिशंकु संसद उभरेगी.
Saturday, February 16, 2008
नक्सलियों के हमले में 14 मारे गए
उड़ीसा के नयागढ़ ज़िले में नक्सलियों के हमले में दस पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग मारे गए हैं। नक्सलियों ने ज़िले के मुख्य पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
शुक्रवा रात लगभग 11 बजे से लेकर एक बजे तक माओवादी विद्रोहियों ने नयागढ़ के पुलिस शस्त्रागार, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र और पुलिस थाने पर लगातार गोलीबारी की।
माओवादी बकायदा अपने साथ एक बस लाए थे जिसमें वो शस्त्रागार से लूटे गए हथियार लाद कर चलता बने।
पुलिस का कहना है कि 50 नक्सलियों के हथियारबंद दस्ते ने अचानक धावा बोल दिया जिससे पुलिसकर्मियों को संभलने का ज़्यादा मौक नहीं मिल सका।
हालाँकि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन अभी तक किसी नक्सली के मारे जाने की सूचना नहीं मिली है।
नक्सलियों के दस्ते में महिलाएँ भी शामिल थीं।
दासपल्ला के निकट माओवादियों की फ़यारिंग में एक निर्दोष व्यक्ति भी मारा गया।
हमला करने से पहले माओवादियों ने घोषणा की कि वो जनता को निशाना नहीं बनाएंगे क्योंकि उनका लक्ष्य पुलिसकर्मी हैं।
पहली घटना में रात 11 बजे दो ट्रकों पर हथियारों से लैस नक्सलियों ने नयागढ़ थाने पर हमला बोल दिया।
पहले बमों से ज़ोरदार हमला किया गया। जब तक वहां तैनात जवान मोर्चा लेते तब तक थाने के बगल में स्थित शस्त्रागार पर हमला कर वहां से हथियार लूट लिए।
लगभग इसी समय एक अन्य घटना में नक्सलियों ने ज़िला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर दसतल्ला के नुआगांव थाने पर भी हमला किया।
Friday, February 15, 2008
तस्लीमा का वीज़ा बढ़ाने का फ़ैसला
भारत सरकार ने बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तस्लीमा नसरीन का वीज़ा बढ़ाने का फ़ैसला किया है। लेकिन ये स्पष्ट नहीं किया कि ये कितनी अवधि के लिए बढ़ाया गया है।
ग़ौरतलब है कि तस्लीमा के वीज़ा की अवधि रविवार को समाप्त हो रही थी और इसको बढ़ाए जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया,'' भारत सरकार ने तस्लीमा नसरीन का वीज़ा बढ़ाने का निर्णय किया है।''
भारत की परंपरा रही है कि जिन्होंने माँगा है, हमने उन्हें आतिथ्य प्रदान किया है। भारत ने उन लोगों को सुरक्षा दी है जो हमारे मेहमान बनकर आए हैं।
नवतेज सरना, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
सरना ने कहा,'' भारत की परंपरा रही है कि जिन्होंने माँगा है, हमने उन्हें आतिथ्य प्रदान किया है। भारत ने उन लोगों को सुरक्षा दी है जो हमारे मेहमान बनकर आए हैं।''
उनका कहना था कि तस्लीमा नसरीन हमारी मेहमान हैं और अपनी परंपरा के अनुरूप हमने उन्हें ऐसी ही सुविधाएं दी हैं।
साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत में जो मेहमान के रूप में आए हैं, उन्हें यहां की परंपराओं को लेकर सजग रहना चाहिए और ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों अथवा हमारे धर्मनिरपेक्ष आदर्शों पर प्रभाव पड़े।
बुद्धजीवियों का समर्थन
तस्लीमा नसरीन को पिछले कुछ महीनों से अज्ञातवास में रखा जा रहा है। लेकिन उनके समर्थन में स्वर भी उठने लगे हैं।
बुधवार को विभिन्न बुद्धिजीवियों ने उन्हें भारत की नागरिकता देने की मांग की थी।
तस्लीमा नसरीन को मिलने जुलने की आज़ादी न देने पर प्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी ने कड़ा विरोध जताया था।
हम केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से लेखकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तस्लीमा नसरीन को भारत में रहने और लिखने की आज़ादी देने की माँग करते हैं।
महाश्वेता देवी, प्रसिद्ध लेखिका
उनका कहना है कि सरकार का यह व्यवहार विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है।
महाश्वेता देवी ने भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से लेखकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तस्लीमा नसरीन को भारत में रहने और लिखने की आज़ादी देने की मांग की थी।
बुकर अवार्ड से सम्मानित लेखिका अरुंधति राय ने भी तस्लीमा की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई थी।
उल्लेखनीय है कि तस्लीमा नसरीन के ख़िलाफ़ कुछ मस्लिम संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद उन्हें कोलकाता छोड़ने को कहा गया था।
उसके बाद उन्हें कोलकता से जयपुर, जयपुर से दिल्ली और फिर उन्हें सुरक्षाकर्मी एक अज्ञात स्थल पर ले गए और तब से उन्हें अज्ञातस्थल पर ही रखा जा रहा है।
Thursday, February 14, 2008
'भारत में महामारी का रूप लेता धूम्रपान'
शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत में धूम्रपान एक महामारी का रूप लेता जा रहा है। इसकी वजह से सन् 2010 तक हर साल लगभग 10 लाख लोगों की मौत होने लगेगी।
न्यू इंग्लैंड जनरल ऑफ़ मेडिसिन में छपे शोध में कहा गया है कि इसमें आधे ग़रीब और अशिक्षित लोग होंगे।
ये शोध भारत, कनाडा और ब्रिटेन के डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से किया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार ये भारत में धूम्रपान को लेकर किया गया अब तक का सबसे व्यापक अध्ययन है। इसमें 900 अध्ययनकर्ताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों के 11 लाख घरों में जाकर तथ्य जुटाए हैं।
टोरंटो विश्वविद्यालय के ग्लोबल हैल्थ रिसर्च सेंटर के प्रभात झा कहते हैं,'' नतीजों से हम अचंभित हैं क्योंकि भारत में लोग धूम्रपान देर से शुरू करते हैं और वे यूरोप और अमरीका के लोगों के मुक़ाबले कम सिगरेट अथवा बीड़ी पीते हैं।''
नतीजों से हम अचंभित हैं क्योंकि भारत में लोग धूम्रपान देर से शुरू करते हैं और वे यूरोप और अमरीका के लोगों के मुक़ाबले कम सिगरेट अथवा बीड़ी पीते हैं।
प्रभात झा, टोरंटो विश्वविद्यालय
इस अध्ययन के अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 12 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं। इसमें से 39 और 69 साल की उम्र के 30 फ़ीसदी मर्द और पाँच फ़ीसदी महिलाएँ सिगरेट अथवा बीड़ी पीती हैं।
प्रभात झा के अनुसार अध्ययन से पता चला कि बीमार पड़ने से पहले केवल दो फ़ीसदी लोग धूम्रपान छोड़ते हैं
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार भारत के स्वास्थ्य मंत्री अबुमणि रामदॉस ने एक बयान में कहा कि वो इस अध्ययन के नतीजे से चिंतित हैं।
उनका कहना था कि भारत सरकार तंबाकू इस्तेमाल को कम करने के लिए सभी संभव क़दम उठा रही है, विशेषकर ग़रीबों और अशिक्षित लोगों को जानकारी दी जा रही है।
ग़ौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट में भी कहा गया है कि धूम्रपान करने वाले कुल लोगों में से दस फ़ीसदी भारत में रहते है।
Wednesday, February 13, 2008
ओबामा की एक और जीत
अमरीका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए प्रयास कर रहे बराक ओबामा ने वर्जीनिया और राजधानी वाशिंगटन डीसी में हिलेरी क्लिंटन को हरा दिया है।
अभी मैरीलैंड के नतीजे आने बाकी है। वाशिंगटन और वर्जीनिया में ओबामा की जीत की उम्मीद की जा रही थी जिसके साथ ही हिलेरी और ओबामा का संघर्ष और कड़ा होता जा रहा है।
मैरीलैंड में ख़राब मौसम और यातायात की समस्याओं के कारण मतदान का समय बढ़ा दिया गया था और इसी कारण मतगणना में देर हुई है। वर्जीनिया और वाशिंगटन की तरह मैरीलैंड में भी ओबामा की जीत तय मानी जा रही है।
बराक की इस जीत के बाद अब वो हिलेरी से कुछ ही मतों से पीछे चल रहे हैं। उधर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने वर्जीनिया में अपनी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी माइक हकबी को हरा दिया है और अब लगता नहीं कि रिपब्लिकन पार्टी से उनकी उम्मीदवारी को कोई बड़ी चुनौती मिलने वाली है।
हिलेरी की मुश्किल
सीनेटर ओबामा ने अपने शानदार प्रदर्शन से हिलेरी क्लिंटन को दबाव में ला दिया है। हालांकि अब तक राष्ट्रीय स्तर पर बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन लगभग बराबरी पर चल रहे हैं।
हिलेरी क्लिंटन ने इस बात से इनकार किया है कि उनके प्रचार अभियान में कोई परेशानी पेश आ रही है।
हाल में बराक ओबामा ने लुइसियाना और नेब्रास्का में भी हिलेरी क्लिंटन को पीछे छोड़ दिया था।
अब हिलेरी क्लिंटन की अब नज़रें ओहायो और टेक्सास पर टिकी हैं जहाँ मार्च में मतदान होगा।
हिलेरी क्लिंटन
हिलेरी क्लिंटन ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है
माइक हकबी पर पार्टी की एकता के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का दबाव है लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी दस फ़ीसदी प्रतिनिधियों यानी लगभग 2025 प्रतिनिधियों के समर्थन पर निर्भर है।
आमतौर पर जिसके पास जितने प्रतिनिधि होते हैं वही पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार चुन लिया जाता है।
सुपर ट्यूसडे के दिन बीस प्रांतों में मतदान हुए लेकिन डेमोक्रेटिक दावेदारों में से किसी एक को स्पष्ट मत नहीं मिले।
समर्थकों के मतों से डेलीगेट या प्रतिनिधियों का चुनाव होता है और ये प्रतिनिधि बाद में औपचारिक रूप से उम्मीदवारों का चयन करेंगे।
Tuesday, February 12, 2008
रूसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
रूसी प्रधानमंत्री विक्टर ज़ुबकोफ़ मंगलवार से अपने दोदिवसीय भारत दौरे की शुरुआत कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार और व्यापारिक रिश्तों पर बातचीत होगी।
समाचार माध्यमों का कहना है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पाँच समझौते होने की उम्मीद है।
भारत पहुँचने पर वो मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत करेंगे। इस दौरान ही समझौतों पर चर्चा होगी। रूस सन् 2010 तक भारत के साथ द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करना चाहता है। फ़िलहाल ये पाँच अरब डॉलर है।
रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री विक्टर ज़ुबकोफ़ ने कहा,'' भारत एक आजमाया हुआ दोस्त है, और रूस में एक कहावत है कि एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर होता है।''
पुराने रिश्ते
अपनी इस यात्रा के दौरान वे भारतीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात करेंगे।
रूसी प्रधानमंत्री विक्टर ज़ुबकोफ़
तीन महीने पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रूस की यात्रा की थी। इस दौरान भारत और रूस ने परस्पर सहयोग के चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
दोनों देशों के बीच मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, अंतरिक्ष, परिवहन और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते हुए थे।
ग़ौरतलब है कि भारत और रूस के बीच तत्कालीन सोवियत संघ के दिनों से ही घनिष्ठ रिश्ते रहे हैं और भारत हमेशा से ही रूसी हथियारों का बड़ा ख़रीददार रहा है।
लेकिन पिछले काफ़ी समय से संकेत आ रहे हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते उतने मधुर नहीं रह गए हैं जितने शायद दो दशक पहले हुआ करते थे।
Monday, February 11, 2008
पूर्वी तिमोर के राष्ट्रपति को गोली मारी गई
पूर्वी तिमोर के राष्ट्रपति होज़े रामोस होर्ता को हमलावरों ने गोली मार कर घायल कर दिया है। ऑस्ट्रेलियाई सैनिक अड्डे पर उनकी सर्जरी की जा रही है।
ताज़ा ख़बर के मुताबिक डिली में ही ऑस्ट्रेलिया सैनिक अड्डे पर उनकी सर्जरी की जा रही है।
सेना के प्रवक्ता के मुताबिक राष्ट्रपति के पेट में गोली लगी है। हमला करने वाले विद्रोही सैनिक नेता अल्फ़्रेदो राइनादो को राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों ने मार दिया।
विद्रोहीन नेता ने पिछले साल नवंबर में सरकार के ख़िलाफ़ हथियार उठाने की चेतावनी दी थी।
वर्ष 2006 में बाग़ी सैनिकों और पुलिस के बीच हुई संघर्ष के मामले में राइनादो पर मुक़दमा चल रहा था।
ये हमला सोमवार तड़के हुआ। होज़े रामोस होर्ता पिछले साल मई में पूर्वी तिमोर के दूसरे राष्ट्रपति बने थे।
वर्ष 1996 में उन्हें शांति के लिए नोबल पुरस्कार भी मिला।
हमला
सेना के प्रवक्ता मेजर डोमिंगोज द कमारा ने बताया कि दो कारें राष्ट्रपति के बंगले के पास से गुजरीं और उसी समय गोलीबारी शुरू हो गई।
ख़बरों के मुताबिक एक सैनिक भी गोलीबारी का शिकार हुआ है और वह गंभीर रूप से घायल है।
राइनादो ने कथित तौर पर वर्ष 2006 में हुए संघर्ष की अगुआई की थी जिसमें 37 लोग मारे गए थे और 15 हज़ार लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा था।
इंडोनेशिया पहले पुर्तगाल का उपनिवेश था और 1975 में उसके पीछे हटने के बाद इस पर इंडोनेशियाई नियंत्रण के ख़िलाफ़ शुरु हुए अभियान में होज़े रामोस होर्ता ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था।
पूर्वी तिमोर को वर्ष 2002 में आज़ादी मिल गई।
Saturday, February 9, 2008
चीन की शिकायत पर भारत का ऐतराज़
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने चीन की आपत्तियों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और प्रधानमंत्री वहाँ जाने को स्वतंत्र हैं।
ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 31 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की थी और कहा था कि देश में सूर्योदय की किरणें सबसे पहले इसी राज्य में पड़ती हैं।
समाचार एजेंसियों के मुताबिक उनकी इस यात्रा पर चीन सरकार ने अनौपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
चीन लंबे अरसे से दावा करता रहा है कि अरूणाचल का बड़ा हिस्सा उसके भू-भाग का अंग है।
चीन के विरोध पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए प्रणव मुखर्जी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि यह पूर्वोत्तर राज्य देश का अभिन्न भाग है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश के किसी भी भाग में जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम चीन के रुख़ से वाकिफ़ हैं और वे भी हमारे विचारों से अवगत हैं।
उनका कहना था, "हमारे पास संसद में अरुणाचल प्रदेश से चुने गए प्रतिनिधि हैं। इसलिए ये स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री देश के किसी भी हिस्से की यात्रा कर सकते हैं।"
भारत और चीन सीमा विवाद के मसले को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत करते रहे हैं।
कूटनयिक हलकों में माना जा रहा था कि इस लिहाज़ से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हाल में हुई चीन यात्रा काफी सफल रही है।
लेकिन उनकी चीन यात्रा के एक माह बाद ही ताज़ा विवाद सामने है।
Friday, February 8, 2008
किडनी कांड: मुख्य अभियुक्त काठमांडू में
गुरुवार को गिरफ़्तार किए गए किडनी कांड के मुख्य अभियुक्त अमित कुमार को नेपाल की राजधानी काठमांडू लाया गया है।
वहाँ नेपाल पुलिस के आला अधिकारियों और नेपाली गृहमंत्रालय के अधिकिरियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक चल रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस बैठक में इस बात पर चर्चा चल रही है कि डॉक्टर अमित कुमार को सीधे भारत को सौंप दिया जाए या फिर उन्हें नेपाल में ही रखकर नेपाल में किडनी कांड से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की जाए।
चूंकि नेपाल में भी ग़रीबों की किडनी निकालने की ख़बरें मिली हैं और एक गाँव तो ऐसा मिला है जहाँ हर परिवार से कम से कम एक व्यक्ति की किडनी निकाल ली गई है।
काठमांडू से वरिष्ठ पत्रकार युवराज घिमिरे का कहना है कि कुछ अधिकारियों का मानना है कि अभी डॉक्टर अमित कुमार को काठमांडू में रखा जाए और भारत को प्रत्यार्पण की औपचारिकताएँ पूरी करने को कहा जाए।
उनका कहना है कि डॉक्टर अमित कुमार की गिरफ़्तारी के तुरंत बाद भारतीय दूतावास को ख़बर दे दी गई थी और दूतावास के अधिकारी लगातार नेपाली अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं।
ख़बर है कि भारत से एक दल शुक्रवार को काठमांडू पहुँच रहा है।
मुरादाबाद पुलिस को भी तलाश
रामदत्त त्रिपाठी का कहना है कि किडनी कांड के मुख्य अभियुक्त के पकड़े जाने के बाद से मुरादाबाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है।
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भी दो मामलों में डॉक्टर अमित की तलाश है और वे भारत सरकार के ज़रिए डॉक्टर अमित को उन्हें सौंपे जाने का अनुरोध कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि किडनी चोरी के मामले का भांडा मुरादाबाद से ही फूटा था जब वहाँ दो व्यक्तियों ने किडनी के बदले पूरे पैसे न मिलने की शिकायत पुलिस से की थी।
इस शिकायत के बाद मुरादाबाद पुलिस ने छापे मारे थे।
फ़िलहाल एक डॉक्टर और एक नेपाली ड्राइवर मुरादाबाद पुलिस हिरासत में है और उनसे पूछताछ की जा रही है। गिरफ़्तारी
डॉक्टर अमित कुमार को गुरुवार को नेपाल में गिरफ़्तार किया गया। नेपाल के गृह राज्यमंत्री राम कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि कर दी थी।
एक पीड़ित शकील अहमद अपने माता-पिता के साथ
किडनी चोरी के शिकार कई लोग अब शिकायतें लेकर सामने आ रहे हैं
नेपाल पुलिस की एक विशेष टीम ने डॉक्टर अमित कुमार को दक्षिणी नेपाल के सौराहा शहर से गिरफ़्तार किया था।
जिस इलाक़े से डॉक्टर अमित कुमार को गिरफ़्तार किया गया है, वो इलाक़ा भारतीय सीमा से सटा हुआ है, जो बिहार के रक्सौल शहर से 60 किलोमीटर दूर है।
राम कुमार चौधरी ने बताया है कि डॉक्ट अमित के पास से एक लाख 45 हजार डॉलर और 936 यूरो का ड्राफ्ट बरामद हुआ है।
नेपाली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ़्तारी के बाद डॉक्टर अमित कुमार ने उन्हें 20 लाख रुपयों की रिश्वत देने की कोशिश की जिससे कि उन्हें छोड़ दिया जाए।
मामला
जनवरी के आख़िरी सप्ताह में दिल्ली से सटे गुड़गाँव स्थित एक घर पर पुलिस ने छापा मारा था जहाँ से ग़ैर-क़ानूनी तरीके से गुर्दा प्रतिरोपण का धंधा चल रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ सैकड़ों ग़रीब मज़दूरों को बहला-फुसला कर गुर्दा बेचने के लिए राज़ी किया जाता था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में कई लोगों को गिरफ़्तार किया था।
जो लोग अपनी गुर्दा निकलवाने के लिए तैयार हो जाते थे उनमें से अधिकतर ग़रीब तबके के मज़दूर होते थे।
इन मज़दूरों को गुर्दा निकलवाने के लिए 50 हज़ार से लेकर एक लाख रूपए तक दिए जाते थे लेकिन जिन लोगों को किडनी प्रत्यर्पित की जाती थी उनसे 10 लाख से 18 लाख रुपए तक वसूले जाते थे।
पुलिस जाँच में यह भी पता चला कि हरियाणा को केंद्र बनाकर किए जा रहे इस अपराध की जड़ें भारत के कई राज्यों और दुनिया के कई देशों में फैली हुई हैं।
लेकिन इस कांड के प्रमुख अभियुक्त डॉक्टर अमित कुमार फ़रार हो गए थे। बाद में हरियाणा सरकार ने इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश की थी और डॉक्टर अमित की गिरफ़्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया गया था।
मानव अंगों की ख़रीद-फ़रोख़्त पर भारत में क़ानूनी प्रतिबंध है लेकिन फिर भी कई ग़रीब लोग प्रतिरोपण के लिए तैयार ग्राहकों को गुर्दा बेचते रहे हैं। इनमें कई विदेशी ग्राहक भी शामिल हैं।