अमरीका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ औपचारिक तौर पर लगभग एक महीने पहले शुरू हुई आयोवा से और मंगलवार को चौबीस राज्यों में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन अपने उम्मीदवारों को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं।
अमरीका में कोई इसे 'सुपर ट्यूसडे' कह रहा है तो कोई 'सुपर-डुपर ट्यूसडे'।
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से जॉन मैक्केन सबसे ज़्यादा दमदार नज़र आ रहे हैं वहीं डमोक्रेट्स की ओर से हिलेरी क्लिंटन और बराक ओबामा के बीच कांटे की टक्कर है।
वैसे तो ये माना जाता है कि इतने बड़े इस दंगल में जो जितने ज़्यादा हाथ मिला सके, जितने ज़्यादा दूसरे के बच्चों को चूम सके और जितना ज़्यादा पैसा खर्च कर सके, जीत उसी की होगी।
इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद दोनों पार्टियों की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का निर्णय होगा और फिर शुरु होगा राष्ट्रपति पद का असली चुनाव।
यानी बड़ा सीधा सपाट सा मामला दिखता है लेकिन है बहुत ज़्यादा पेचीदा।
पेचीदगी
हर राज्य को उसकी जनसंख्या के आधार पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स पार्टियों ने प्रतिनिधि या डेलीगेट्स दिए हुए हैं और जिसे जितने प्रतिशत वोट मिले उतने प्रतिशत डेलीगेट उनके खाते में आए।
यानी अगर किसी राज्य में दस डेलिगेट हैं और बराक ओबामा को साठ प्रतिशत वोट मिले तो उन्हें छह डेलिगेट मिलेंगे और हिलेरी क्लिंटन को चार।
ये तो डेमोक्रेट्स का गणित है, और कुछ राज्यों में रिपब्लिकन का भी यही फ़ार्मूला है।
लेकिन बाक़ी राज्यों में रिपब्लिकन 'विनर टेक्स ऑल' यानी का फॉर्मूला मानते हैं यानी 'जो जीता सारे डेलिगेट्स उसी के'।
इसके अलावा सुपर डेलिगेट्स भी होते हैं यानी पार्टी के बड़े-बड़े अधिकारी जिन्हें वोट डालने का अधिकार होता है और इसलिए उनका दिल जीतने के लिए सभी उम्मीदवार इन दिनों उनके सामने बिछे रहते हैं।
और जब सभी राज्यों के चुनाव हो जाएंगे तो अगस्त और सितंबर में एक नेशनल कंवेंशन में ये डेलिगेट्स उम्मीदवार का फ़ैसला औपचारिक तौर पर करेंगे।
इस पूरी कवायद की ख़ास बात ये भी है कि आप पचास राज्यों में बहुमत हासिल कर भी लें लेकिन फिर भी आप हार सकते हैं।
कारण ये कि दूसरे के पास डेलिगेट्स ज़्यादा हो सकते हैं क्योंकि उसने कैलिफ़ोर्निया जैसे बड़े राज्य में जीत हासिल कर ली हो।
डेमोक्रेट्स में जो जीतेगा उसे 2025 डेलिगेट्स हासिल करने होंगे, और रिपब्लिकन उम्मीदवार को 1191।
न्यूयॉर्क विश्वविद्दालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफ़सर प्रवीण चौधरी का कहना है कि ये मामला इतना पेचीदा है और इतने लंबे समय तक चलता है कि उम्मीदवार उसीमें फंसकर रह जाते हैं, कोई नई बात नहीं निकलती।
वैसे तो सुपर ट्यूसडे के बारे में माना यही जाता रहा है कि जिसने यहाँ जीत हासिल कर ली, उम्मीदवारी उसकी हुई लेकिन इस बार मुक़ाबला ऐसा है कि हो सकता है फ़ैसला अगस्त में ही जाकर हो।
टक्कर
डेमोक्रेट्स की ओर से आठ उम्मीदवार थे इस दौड़ में और सुपर ट्यूसडे तक केवल दो रह गए हैं, हिलैरी क्लिंटन और बराक ओबामा।
मैक्केन
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से मैक्केन दौड़ में आगे दिख रहे हैं
टक्कर ऐसी है कि एक-एक डेलिगेट के लिए देश के एक कोने से दूसरे का चक्कर लगाए जा रहे हैं।
जहाँ हिलेरी अपने अनुभव को हथियार बना रही हैं, वहीं ओबामा देश को एकजुट करने की बात कर रहे हैं, बदलाव की बात कर रहे हैं।
रिपब्लिकन कैंप में अभी भी चार उम्मीदवार टिके हुए हैं लेकिन असली टक्कर जॉन मैक्केन और मिट रॉमनी के बीच है।
कुछ महीने पहले माना जा रहा था कि मैक्केन शायद ही कुछ कर पाएँ लेकिन अब ''मैक इज़ बैक'' का नारा पूरी तेज़ी पर है और उन्हें रोकने के लिए मिट रॉमनी रिपब्लिकन वोटरों को ये कहकर लुभा रहे हैं कि सही मायनों में रिपब्लिकन तो वही हैं।
डेमोक्रेट्स के लिए ये दौड़ एक मील का पत्थर साबित हो चुका है क्योंकि हिलैरी जीतें या ओबामा---एक महिला, दूसरा अफ़्रीकन-अमेरिकन यानी काला---अमरीका में आज तक ऐसा नहीं हुआ।
और दोनों में से अगर कोई व्हाइट हाउस की गद्दी पर बैठ गया तो अमरीका में एक नए इतिहास की शुरूआत होगी।
Tuesday, February 5, 2008
अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव: 24 राज्यों में मतदान
Monday, February 4, 2008
रावलपिंडी में आत्मघाती हमला, 6 मरे
पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में सोमवार को एक बस पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम छह लोग मारे गए हैं जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं।
इस बस में सुरक्षाकर्मी सवार थे। घायल होने वाले में आसपास से गुज़र रहे लोग भी शामिल हैं।
रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय है और वहाँ इससे पहले भी इस तरह के आत्मघाती हमले किए जा चुके हैं।
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान में चुनाव को दो हफ़्तों से भी कम समय बचा है।
पुलिस का कहना है कि आत्मघाती हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार था और उसने अपनी मोटर साइकिल सैन्यकर्मियों से भरी एक मिनीबस से टकरा दी।
उनका कहना है कि इस विस्फोट में बस के परखच्चे उड़ गए।
जिस समय यह हमला हुआ उस समय बस सेना के इंजीनियरिंग विभाग के पास थी और बाज़ार के पास से गुज़र रही थी।
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार इस विस्फोट से आसपास के कई वाहनों को नुक़सान पहुँचा है और वहाँ से गुज़र रहे लोग भी घायल हुए हैं।
पिछले एक साल में रावलपिंडी में कई आत्मघाती हमले हुए हैं जिसमें एक बार सैन्य कर्मचारियों को ले जा रही बस पर आत्मघाती हमला शामिल है।
उल्लेखनीय है कि रावलपिंडी में ही गत 27 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कर दी गई थी।
रावलपिंडी राजधानी इस्लामाबाद से 12 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भी इसी शहर में रहते हैं।
Saturday, February 2, 2008
श्रीलंका में विस्फोट, बीस मारे गए
मध्य श्रीलंका के दंबुला शहर में एक बस को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में कम से कम बीस लोग मारे गए हैं और पचास अन्य घायल हैं।
पुलिस का कहना है कि ये विस्फोट दंबुला के बस पड़ाव में हुआ। यात्री बस कैंडी से अनुराधापुरा जा रही थी और इस बस पड़ाव पर इसका ठहराव था।
ये विस्फोट सोमवार को श्रीलंका के साठवें स्वतंत्रता दिवस समारोहों से पहले हुआ है।
श्रीलंका सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायक्करा ने विस्फोट के लिए तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है।
हालाँकि तमिल विद्रोहियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस वर्ष जनवरी से ही श्रीलंका में कई तरह के बम धमाके हुए हैं।
श्रीलंका सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच वर्ष 2002 में हुआ संघर्ष विराम समझौता जनवरी में ही औपचारिक रूप से ख़त्म हो चुका है।
कुछ दिनों पहले ही मन्नार में एक बस में भीषण बम विस्फोट हुआ था जिसमें कम से कम 18 लोग मारे गए थे।
Friday, February 1, 2008
ओबामा और हिलेरी आमने-सामने
अमरीका में डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दावेदार बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन पहली बार टेलीविज़न पर आमने-सामने हुए।
डेमोक्रैट जॉन एडवर्ड्स राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की होड़ से हट चुके हैं और अब सीधा मुक़ाबला अमरीकी-अफ़्रीकी मूल के ओबामा और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी सीनेटर हिलेरी क्लिंटन के बीच है।
उधर रिपब्लिकन पार्टी में भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए टिकट पाने की होड़ तेज़ हो गई है। कैलीफोर्निया के गवर्नर आर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने जॉन मैककेन को अपना समर्थन दिया है।
दावेदारी हासिल करने की होड़ से बाहर हो चुके रिपब्लिकन रूडी जुलियानी ने भी मैककेन को ही अपना समर्थन दिया है।
इससे मंगलवार को 24 प्रांतों में एकसाथ उम्मीदवार तय करने के लिए होने वाले चुनाव (सुपर ट्यूज़डे) में मैककेन की दावेदारी मज़बूत मानी जा रही है।
इराक़ बना मुद्दा
बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन के बीच टेलीविज़न पर हुई पहली बहस में इराक़ युद्ध का मुद्दा फिर उभरा।
ओबामा ने दावा किया कि इराक़ में संघर्ष ख़त्म करने के लिए वह सबसे सही राष्ट्रपति साबित होंगे।
दूसरी ओर हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि वो राष्ट्रपति बनीं तो जल्द से जल्द इराक़ से अमरीकी सेना वापस बुला लेंगी।
इससे पहले दोनों नेताओं ने उम्मीदवारी की आपसी होड़ से इतर हटते हुए कहा कि नीतिगत मसलों पर मुख्य मतभेद उनके बीच नहीं है बल्कि डेमोक्रैटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के बीच है।
Thursday, January 31, 2008
कश्मीर में चार चरमपंथी मारे गए
जिन चार चरमपंथियों को मारा गया है उनमें सज्जाद उर्फ़ ताहिर भी शामिल है जो हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर थे और सुरक्षाबलों को उनकी तलाश थी.
सेना के प्रवक्ता का कहना है कि सर्दियों में जब चरमपंथी गतिविधियाँ न्यूनतम हैं, चार चरपंथियों का मारा जाना अलगाववादी गुट के लिए बड़ा झटका है.
वैसे भारत और पाकिस्तान के बीच शुरु हुई शांति प्रक्रिया के बाद से जम्मू कश्मीर में चरमपंथी गतिविधियों में कमी आई है.
सर्दियों में इनकी गतिविधियाँ वैसे भी कम हो जाती हैं.
सुरक्षाबलों का कहना है कि श्रीनगर से साठ किलोमीटर दूर बटपोरा में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ बुधवार, 30 जनवरी को सुबह को शुरु हुई और देर शाम तक चलती रही.
सुरक्षाबलों की ओर से किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है.
जम्मू कश्मीर पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक एचके लोहिया ने बीबीसी को बताया कि जून 2006 में छह नेपाली मज़दूरों का अपहरण करके उनकी हत्या करने के पीछे सज्जाद का हाथ था.
उल्लेखनीय है कि 1989 में जम्मू कश्मीर पर भारत के शासन के ख़िलाफ़ शुरु हुए हथियारबंद विद्रोह के बाद से अब तक 60 हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं.
Wednesday, January 30, 2008
हरभजन पर आरोप हटाने का स्वागत
हरभजन सिंह पर नस्लवादी टिप्पणी के आरोप हटाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने राहत की सांस ली है और फ़ैसले का स्वागत किया है।
बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने ख़ुशी जताते हुए कहा, " जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है।"
बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अपील कमिश्नर जॉन हेंसन ने सही फ़ैसला सुनाया है।
जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है
शरद पवार, बीसीसीआई अध्यक्ष
बीसीसीआई की ओर से हरभजन की पैरवी के लिए नियुक्त वीआर मनोहर के अनुसार हरभजन के ख़िलाफ़ गाली देने का आरोप लगा और नियमों के अनुसार उन्हें आधी मैच फ़ीस का जुर्माना भरना होगा।
इसके पहले बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने सुनवाई से पहले मुबंई में कहा था, ''यदि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया गया तो भारतीय टीम त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ से हट सकती है।''
ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी करने के मामले में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन उन्हें मैच की आधी फ़ीस का जुर्माना भरना होगा।
इस घटना के बाद मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया था।
'मैदान की बात मैदान पर'
फ़ैसले के बाद भारतीय टीम के मैनेजर चेतन चौहान का कहना था कि मैदान की बातें मैदान में ही छोड़ देनी चाहिए।
मलय नीरव से बातचीत में चेतन चौहान ने कहा कि मैदान के अंदर की बातें तभी बाहर आनी चाहिए जब बात हाथ से निकल जाए और झगड़ा या हाथापाई हो जाए।
मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है जब तक कि मामला टकराव तक न पहुँच जाए
चेतन चौहान, भारतीय टीम के मैनेजर
उनका कहना था कि मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है बशर्ते मामला टकराव तक न पहुँच जाए।
चेतन चौहान का मानना है कि कोई भी खेल अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रह गया है, ज्यादातर सभी खेल पेशेवर हो गए हैं। इन पर खिलाड़ियों की जीविका निर्भर है इसलिए खिलाड़ी तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं।
उसका मानना है कि भारतीय टीम को पिछली बातों को भुला कर अब खेल पर ध्यान देना चाहिए।
'नहीं रहा वो खेल'
पूर्व क्रिकेटर मदनलाल का भी मानना है कि क्रिकेट अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा है क्योंकि अब हर टीम किसी भी तरह जीतना चाहती है।
हरभजन सिंह
हरभजन पर से पाबंदी हटाने पर खुशी मनाते लोग
मदनलाल का कहना था कि यदि ये मामला नहीं सुलझता तो अंतरराष्ट्रीय खेल परिषद के लिए मुश्किल हो जाती।
उनका मानना था कि ये मामला मैदान पर ही सुलझा लिया जाना चाहिए था।
पूर्व क्रिकेटर सैयद किरमानी का कहना है कि हरभजन पर 50 फ़ीसदी मैच फीस का जुर्माना और ब्रै़ड हॉग को बरी करना, उनकी समझ के परे है।
किरमानी भी मानते हैं कि अब क्रिकेट 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा।
उनका कहना था कि क्रिकेटर जब कचहरी में खड़े नज़र आएँ तो उससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
वो कहते हैं कि विवाद इतना तूल नहीं पकड़ना चाहिए था, ग़लतियाँ किसी से भी हो सकती है, उसको स्वीकार करना चाहिए।
Tuesday, January 29, 2008
बुश के भाषण में अर्थव्यवस्था, अल क़ायदा की चर्चा
लेकिन राष्ट्रपति बुश ने ये भी कहा है कि देशवासियों को अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में भरोसा होना चाहिए.
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल का ये अंतिम सालाना भाषण था.
राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी संसद से अनुरोध किया है कि अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए उन्होंने जिस 150 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है, उसे वह जल्द से जल्द पारित करे.
उन्होंने माना कि अमरीका में हर घर में आर्थिक भविष्य को लेकर चिंता है लेकिन उनका कहना था कि भविष्य में अर्थिक विकास को लेकर अमरीकी आश्वस्त हो सकते हैं.
हमारी सुरक्षा, समृद्धि और पर्यावरण की ज़रूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम तेल पर कितने आश्रित हैं
राष्ट्रपति बुश
उनका कहना था, "हमारी सुरक्षा, समृद्धि और पर्यावरण की ज़रूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम तेल पर कितने आश्रित हैं."
'अल क़ायदा को हराया जाएगा'
उन्होंने अपने संबोधन में इराक़ की चर्चा करते हुए कहा कि वहाँ अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने से सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है चाहे कुछ लोगों ने ही पहले ऐसी संभावना जताई थी.
उनका घोषणा की कि इराक़ में अल क़ायदा के सदस्य भाग रहे हैं और उसे पराजित कर दिया जाएगा.
इराक़ में अतिरिक्त सैनिक भेजने से सुरक्षा स्थिति बेहतर हुई है. अल क़ायदा के सदस्य भाग रहे हैं और अल क़ायदा को पराजित कर दिया जाएगा
राष्ट्रपति बुश
अफ़ग़ानिस्तान के बारे में बोलते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि वहाँ कार्रवाई में अमरीकी फ़ौजों को मिल रही सफलता जारी रहनी चाहिए.
उनका कहना था कि 3000 अतिरिक्त मरीन सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जाएँगे जो वहाँ तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष में मदद करेंगे और अफ़ग़ान सेना और पुलिस को प्रशिक्षण देंगे.
राष्ट्रपति बुश ने दोहराया कि वे साल के अंत तक इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच शांति समझौता करवा पाएँगे.
ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे ईरान के लोगों का आदर करते हैं लेकिन 'देश के नेताओं को विदेशों में चरमपंथ को समर्थन' बंद करना चाहिए.
Monday, January 28, 2008
कोलकाता के पास पहुँचा बर्ड फ़्लू
अधिकारियों के अनुसार राजधानी कोलकाता के बाहरी हिस्से बजबज में भी इस बीमारी के फैलने की ख़बर मिली है.
स्वास्थ्य मंत्री अनीसुर्रहमान ने कहा कि हालात काफी ख़तरनाक हैं. राज्य सरकार ने 25 लाख मुर्गियों को मारने का लक्ष्य बनाया है.
बर्ड फ़्लू का एच5एन1 वायरस बेहद ख़तरनाक है. हालाँकि अभी तक कहीं से किसी व्यक्ति के इससे संक्रमित होने की ख़बर नहीं मिली है.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इसके फैलने से स्थिति नियंत्रण के बाहर हो सकती है.
ख़तरनाक स्थिति
सबसे गंभीर बात यह है कि बर्ड फ़्लू अब घनी आबादी वाले राज्य की राजधानी कोलकाता के नज़दीक तक पहुँच गया है.
बृहस्पतिवार को कोलकाता से सिर्फ़ दो घंटे की ड्राइव वाले स्थान बालागढ़ से लिए गए नमूनों में बर्ड फ़्लू के वायरस पाए गए.
और अब बज-बज में मरी पाई गई मुर्गियों में भी संक्रमण पाया गया है.
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री एसके मिश्रा कहते हैं, "स्थिति ख़तरनाक है."
उन्होंने कहा, "हम अपने हिसाब से इसे रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह बहुत मुश्किल है."
बर्ड फ़्लू
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री एसके मिश्रा कहते हैं कि स्थिति ख़तरनाक है
ऐसे हज़ारों ग्रामीण परिवार जिनकी आय का मुख्य स्त्रोत मुर्गीपालन ही है, बर्बाद हो जाएंगे.
राज्य के पशुपालन मंत्री अनीसुर्रहमान कहते हैं, "हमें 25 लाख मुर्गियों को मारना है जिनमें से दो-तिहाई काम पूरा हो चुका है."
उन्होंने कहा, "मुर्गियों को मारने के लिए प्रभावित ज़िलों में हमें और टीमों की ज़रूरत है क्योंकि यह काम जल्दी में पूरा नहीं किया जा सकता."
लेकिन पता लगा है कि सरकारी की टीम संक्रमणयुक्त मुर्गियों को पकड़ने और मारने के लिए ग्रामीणों की मदद ले रही हैं जो काफ़ी चिंताजनक है.
पशु चिकित्सक देबजीत ब्रह्म का कहना है, "सरकारी कर्मचारियों के पास तो ऐसे सूट होते हैं जो सुरक्षात्मक होते हैं लेकिन ग्रामीण तो पूरी तरह असुरक्षित होते हैं उनके पास तो दस्ताने तक नहीं होते. इसलिए इस काम में उनकी मदद लेना बेहद ख़तरनाक है.
Friday, January 25, 2008
सार्कोज़ी दो दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुँचे
भारत के विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्कोज़ी की दिल्ली स्थित पालम हवाईअड्डे पर अगवानी की.
सार्कोज़ी के साथ उनकी उनकी नई महिला मित्र और पूर्व सुपरमॉडल कार्ला ब्रूनी नहीं आई हैं.
संभावना है कि सार्कोज़ी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर चर्चा होगी और कई सैन्य सौदों के समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे.
उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
माना जा रहा है कि फ़्रांसिसी राष्ट्रपति की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को बल मिलेगा.
सार्कोज़ी इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में भारत आए हैं.
उनके साथ उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और फ़्रांस के औद्योगिक व व्यावसायिक समूहों के अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है.
इस बीच सार्कोज़ी को लेकर भारतीय मीडिया में ख़ूब ख़बरें छपी हैं लेकिन ज़्यादातर ख़बरें उनकी नई महिला मित्र और पूर्व सुपरमॉडल कार्ला ब्रूनी को लेकर थीं.
यह उत्सुकता अभी भी बनी हुई है कि ब्रूनी उनके साथ आ रही हैं या नहीं.
अहम चर्चाएँ
अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और कई अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा होने की संभावना है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं के बीच असैन्य परमाणु सहयोग में फ़्रांस की भूमिका पर चर्चा होगी और यह तय करने का प्रयास होगा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों (एनएसजी) से समझौते के बाद इसे किस तरह से लागू किया जाएगा.
मिराज-2000
मिराज विमानों को आधुनिक बनाने के लिए समझौते की संभावना है
दोनों देशों के बीच इस 1.5 अरब यूरो के एक सैन्य सौदे की भी संभावना है जिसके तहत फ़्रांस भारत के 52 लड़ाकू विमानों मिराज-2000 में सुधार करके उन्हें मिराज-2009 में तब्दील करने में सहयोग करेगा.
इसके अलावा दोनों देशों के बीच कई तकनीक और व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे और दोनों देशों के बीच व्यावसाय के नए लक्ष्य निर्धारित किए जाएँगे.
उल्लेखनीय है कि भारत और फ़्रांस के बीच व्यापार पिछले तीन सालों में दोगुना होकर 6.23 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है.
फ़्रांस भारत में आँठवाँ सबसे बड़ा निवेशक देश है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना के अनुसार राष्ट्रपति सार्कोज़ी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कूटनीतिक साझा कार्यक्रम और दोनों देशों के बीच सहयोग की योजनाओं पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे.
संभावना है कि राष्ट्रपति सार्कोज़ी 26 जनवरी को ताज महल देखने जाएँगे और उसी दिन वे वापस फ़्रांस के लिए रवाना हो जाएँगे.
Thursday, January 24, 2008
कटिहार में भी मुर्गियाँ मारने के आदेश
पश्चिम बंगाल राज्य के नौ ज़िलों में बर्ड फ़्लू की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने मुर्गियों को मारने का अभियान और तेज़ करने का फ़ैसला लिया है।
अभी तक राज्य के नौ ज़िलों के 30 ब्लाकों और पाँच नगर निकायों में बर्ड फ़्लू की पुष्टि हो चुकी है।
उसके बाद बुधवार को बिहार सरकार ने कटिहार ज़िले के छह पंचायतों में मुर्गियों को मारने के आदेश दिए हैं।
हालांकि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने स्पष्ट किया है कि कटिहार में बर्ड फ़लू की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और यह क़दम ऐहतिहातन शुरु किया गया है।
उल्लेखनीय है कि ये सभी छह पंचायत पश्चिम बंगाल के मोहम्मदपुर से सटे हुए हैं।
अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि कहीं बर्ड फ़्लू के वायरस का मनुष्यों में तो प्रवेश नहीं हो गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कटिहार के अधिकारियों से कहा गया है कि वे मालदा के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें।
उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा है कि वे केंद्र सरकार के सतत संपर्क में हैं।
उधर मध्यप्रदेश सरकार ने भी पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाक़ों में ऐहतियात बरतने के आदेश दिए हैं।
Wednesday, January 23, 2008
अमरीका में ब्याज दर में कटौती भी नाकाम
अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार में घबराहट को देखते हुए लोगों का भरोसा बढ़ाने की कोशिशों के तहत ब्याज़ दरों में तीन चौथाई प्रतिशत की कमी की है।
फ़ेडरल रिज़र्व ने मंगलवार को एक आपात बैठकर करके ब्याज दरों में कटौती करने का फ़ैसला किया और इस कटौती के बाद अब यह ब्याज़ दर 3।5 प्रतिशत पर आ गई है।
लेकिन इस क़दम का भी कोई ठोस फ़ायदा नहीं हुआ है और मंगलवार को भी न्यूयॉर्क के वाल स्ट्रीट शेयर बाज़ार में गिरावट दर्ज की गई।
इससे पहले दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट देखने को मिली जिसके बाद अमरीकी अर्थव्यवस्था में लोगों का भरोसा कुछ हिलता नज़र आया।
फ़ेडरल र&