Saturday, February 2, 2008

श्रीलंका में विस्फोट, बीस मारे गए

मध्य श्रीलंका के दंबुला शहर में एक बस को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में कम से कम बीस लोग मारे गए हैं और पचास अन्य घायल हैं।

पुलिस का कहना है कि ये विस्फोट दंबुला के बस पड़ाव में हुआ। यात्री बस कैंडी से अनुराधापुरा जा रही थी और इस बस पड़ाव पर इसका ठहराव था।

ये विस्फोट सोमवार को श्रीलंका के साठवें स्वतंत्रता दिवस समारोहों से पहले हुआ है।

श्रीलंका सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायक्करा ने विस्फोट के लिए तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है।

हालाँकि तमिल विद्रोहियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस वर्ष जनवरी से ही श्रीलंका में कई तरह के बम धमाके हुए हैं।

श्रीलंका सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच वर्ष 2002 में हुआ संघर्ष विराम समझौता जनवरी में ही औपचारिक रूप से ख़त्म हो चुका है।

कुछ दिनों पहले ही मन्नार में एक बस में भीषण बम विस्फोट हुआ था जिसमें कम से कम 18 लोग मारे गए थे।

Friday, February 1, 2008

ओबामा और हिलेरी आमने-सामने

अमरीका में डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दावेदार बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन पहली बार टेलीविज़न पर आमने-सामने हुए।

डेमोक्रैट जॉन एडवर्ड्स राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की होड़ से हट चुके हैं और अब सीधा मुक़ाबला अमरीकी-अफ़्रीकी मूल के ओबामा और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी सीनेटर हिलेरी क्लिंटन के बीच है।
उधर रिपब्लिकन पार्टी में भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए टिकट पाने की होड़ तेज़ हो गई है। कैलीफोर्निया के गवर्नर आर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने जॉन मैककेन को अपना समर्थन दिया है।

दावेदारी हासिल करने की होड़ से बाहर हो चुके रिपब्लिकन रूडी जुलियानी ने भी मैककेन को ही अपना समर्थन दिया है।

इससे मंगलवार को 24 प्रांतों में एकसाथ उम्मीदवार तय करने के लिए होने वाले चुनाव (सुपर ट्यूज़डे) में मैककेन की दावेदारी मज़बूत मानी जा रही है।

इराक़ बना मुद्दा

बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन के बीच टेलीविज़न पर हुई पहली बहस में इराक़ युद्ध का मुद्दा फिर उभरा।

ओबामा ने दावा किया कि इराक़ में संघर्ष ख़त्म करने के लिए वह सबसे सही राष्ट्रपति साबित होंगे।

दूसरी ओर हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि वो राष्ट्रपति बनीं तो जल्द से जल्द इराक़ से अमरीकी सेना वापस बुला लेंगी।

इससे पहले दोनों नेताओं ने उम्मीदवारी की आपसी होड़ से इतर हटते हुए कहा कि नीतिगत मसलों पर मुख्य मतभेद उनके बीच नहीं है बल्कि डेमोक्रैटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के बीच है।

Thursday, January 31, 2008

कश्मीर में चार चरमपंथी मारे गए

सुरक्षाबलों का कहना है कि भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर में बुधवार को हुए मुठभेड़ में अलगाववादी गुट हिज़्बुल मुजाहिदीन के चार चरमपंथी मारे गए हैं.

जिन चार चरमपंथियों को मारा गया है उनमें सज्जाद उर्फ़ ताहिर भी शामिल है जो हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर थे और सुरक्षाबलों को उनकी तलाश थी.

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि सर्दियों में जब चरमपंथी गतिविधियाँ न्यूनतम हैं, चार चरपंथियों का मारा जाना अलगाववादी गुट के लिए बड़ा झटका है.

वैसे भारत और पाकिस्तान के बीच शुरु हुई शांति प्रक्रिया के बाद से जम्मू कश्मीर में चरमपंथी गतिविधियों में कमी आई है.

सर्दियों में इनकी गतिविधियाँ वैसे भी कम हो जाती हैं.

सुरक्षाबलों का कहना है कि श्रीनगर से साठ किलोमीटर दूर बटपोरा में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ बुधवार, 30 जनवरी को सुबह को शुरु हुई और देर शाम तक चलती रही.

सुरक्षाबलों की ओर से किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है.

जम्मू कश्मीर पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक एचके लोहिया ने बीबीसी को बताया कि जून 2006 में छह नेपाली मज़दूरों का अपहरण करके उनकी हत्या करने के पीछे सज्जाद का हाथ था.

उल्लेखनीय है कि 1989 में जम्मू कश्मीर पर भारत के शासन के ख़िलाफ़ शुरु हुए हथियारबंद विद्रोह के बाद से अब तक 60 हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं.

Wednesday, January 30, 2008

हरभजन पर आरोप हटाने का स्वागत

हरभजन सिंह पर नस्लवादी टिप्पणी के आरोप हटाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने राहत की सांस ली है और फ़ैसले का स्वागत किया है।
बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने ख़ुशी जताते हुए कहा, " जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है।"
बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अपील कमिश्नर जॉन हेंसन ने सही फ़ैसला सुनाया है।
जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है

शरद पवार, बीसीसीआई अध्यक्ष

बीसीसीआई की ओर से हरभजन की पैरवी के लिए नियुक्त वीआर मनोहर के अनुसार हरभजन के ख़िलाफ़ गाली देने का आरोप लगा और नियमों के अनुसार उन्हें आधी मैच फ़ीस का जुर्माना भरना होगा।

इसके पहले बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने सुनवाई से पहले मुबंई में कहा था, ''यदि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया गया तो भारतीय टीम त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ से हट सकती है।''

ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी करने के मामले में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन उन्हें मैच की आधी फ़ीस का जुर्माना भरना होगा।

इस घटना के बाद मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया था।

'मैदान की बात मैदान पर'

फ़ैसले के बाद भारतीय टीम के मैनेजर चेतन चौहान का कहना था कि मैदान की बातें मैदान में ही छोड़ देनी चाहिए।
मलय नीरव से बातचीत में चेतन चौहान ने कहा कि मैदान के अंदर की बातें तभी बाहर आनी चाहिए जब बात हाथ से निकल जाए और झगड़ा या हाथापाई हो जाए।

मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है जब तक कि मामला टकराव तक न पहुँच जाए

चेतन चौहान, भारतीय टीम के मैनेजर

उनका कहना था कि मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है बशर्ते मामला टकराव तक न पहुँच जाए।

चेतन चौहान का मानना है कि कोई भी खेल अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रह गया है, ज्यादातर सभी खेल पेशेवर हो गए हैं। इन पर खिलाड़ियों की जीविका निर्भर है इसलिए खिलाड़ी तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं।

उसका मानना है कि भारतीय टीम को पिछली बातों को भुला कर अब खेल पर ध्यान देना चाहिए।

'नहीं रहा वो खेल'

पूर्व क्रिकेटर मदनलाल का भी मानना है कि क्रिकेट अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा है क्योंकि अब हर टीम किसी भी तरह जीतना चाहती है।
हरभजन सिंह
हरभजन पर से पाबंदी हटाने पर खुशी मनाते लोग

मदनलाल का कहना था कि यदि ये मामला नहीं सुलझता तो अंतरराष्ट्रीय खेल परिषद के लिए मुश्किल हो जाती।

उनका मानना था कि ये मामला मैदान पर ही सुलझा लिया जाना चाहिए था।

पूर्व क्रिकेटर सैयद किरमानी का कहना है कि हरभजन पर 50 फ़ीसदी मैच फीस का जुर्माना और ब्रै़ड हॉग को बरी करना, उनकी समझ के परे है।

किरमानी भी मानते हैं कि अब क्रिकेट 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा।

उनका कहना था कि क्रिकेटर जब कचहरी में खड़े नज़र आएँ तो उससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

वो कहते हैं कि विवाद इतना तूल नहीं पकड़ना चाहिए था, ग़लतियाँ किसी से भी हो सकती है, उसको स्वीकार करना चाहिए।

Tuesday, January 29, 2008

बुश के भाषण में अर्थव्यवस्था, अल क़ायदा की चर्चा

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने सालाना भाषण में माना है कि 'अमरीकी अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी हो रही है और इस बारे में अनिश्चितता भी है.'

लेकिन राष्ट्रपति बुश ने ये भी कहा है कि देशवासियों को अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में भरोसा होना चाहिए.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल का ये अंतिम सालाना भाषण था.

राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी संसद से अनुरोध किया है कि अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए उन्होंने जिस 150 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है, उसे वह जल्द से जल्द पारित करे.

उन्होंने माना कि अमरीका में हर घर में आर्थिक भविष्य को लेकर चिंता है लेकिन उनका कहना था कि भविष्य में अर्थिक विकास को लेकर अमरीकी आश्वस्त हो सकते हैं.


हमारी सुरक्षा, समृद्धि और पर्यावरण की ज़रूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम तेल पर कितने आश्रित हैं

राष्ट्रपति बुश

उनका कहना था, "हमारी सुरक्षा, समृद्धि और पर्यावरण की ज़रूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम तेल पर कितने आश्रित हैं."

'अल क़ायदा को हराया जाएगा'

उन्होंने अपने संबोधन में इराक़ की चर्चा करते हुए कहा कि वहाँ अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने से सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है चाहे कुछ लोगों ने ही पहले ऐसी संभावना जताई थी.

उनका घोषणा की कि इराक़ में अल क़ायदा के सदस्य भाग रहे हैं और उसे पराजित कर दिया जाएगा.


इराक़ में अतिरिक्त सैनिक भेजने से सुरक्षा स्थिति बेहतर हुई है. अल क़ायदा के सदस्य भाग रहे हैं और अल क़ायदा को पराजित कर दिया जाएगा

राष्ट्रपति बुश

अफ़ग़ानिस्तान के बारे में बोलते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि वहाँ कार्रवाई में अमरीकी फ़ौजों को मिल रही सफलता जारी रहनी चाहिए.

उनका कहना था कि 3000 अतिरिक्त मरीन सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जाएँगे जो वहाँ तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष में मदद करेंगे और अफ़ग़ान सेना और पुलिस को प्रशिक्षण देंगे.

राष्ट्रपति बुश ने दोहराया कि वे साल के अंत तक इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच शांति समझौता करवा पाएँगे.

ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे ईरान के लोगों का आदर करते हैं लेकिन 'देश के नेताओं को विदेशों में चरमपंथ को समर्थन' बंद करना चाहिए.

Monday, January 28, 2008

कोलकाता के पास पहुँचा बर्ड फ़्लू

भारत के पश्चिम बंगाल में बर्ड फ़्लू तेज़ी से नए इलाक़ों को अपनी गिरफ़्त में ले रहा है. अधिकारियों के मुताबिक राज्य के 13 ज़िले इससे प्रभावित हो गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार राजधानी कोलकाता के बाहरी हिस्से बजबज में भी इस बीमारी के फैलने की ख़बर मिली है.

स्वास्थ्य मंत्री अनीसुर्रहमान ने कहा कि हालात काफी ख़तरनाक हैं. राज्य सरकार ने 25 लाख मुर्गियों को मारने का लक्ष्य बनाया है.

बर्ड फ़्लू का एच5एन1 वायरस बेहद ख़तरनाक है. हालाँकि अभी तक कहीं से किसी व्यक्ति के इससे संक्रमित होने की ख़बर नहीं मिली है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इसके फैलने से स्थिति नियंत्रण के बाहर हो सकती है.

ख़तरनाक स्थिति

सबसे गंभीर बात यह है कि बर्ड फ़्लू अब घनी आबादी वाले राज्य की राजधानी कोलकाता के नज़दीक तक पहुँच गया है.

बृहस्पतिवार को कोलकाता से सिर्फ़ दो घंटे की ड्राइव वाले स्थान बालागढ़ से लिए गए नमूनों में बर्ड फ़्लू के वायरस पाए गए.

और अब बज-बज में मरी पाई गई मुर्गियों में भी संक्रमण पाया गया है.

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री एसके मिश्रा कहते हैं, "स्थिति ख़तरनाक है."

उन्होंने कहा, "हम अपने हिसाब से इसे रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह बहुत मुश्किल है."


बर्ड फ़्लू
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री एसके मिश्रा कहते हैं कि स्थिति ख़तरनाक है

ऐसे हज़ारों ग्रामीण परिवार जिनकी आय का मुख्य स्त्रोत मुर्गीपालन ही है, बर्बाद हो जाएंगे.

राज्य के पशुपालन मंत्री अनीसुर्रहमान कहते हैं, "हमें 25 लाख मुर्गियों को मारना है जिनमें से दो-तिहाई काम पूरा हो चुका है."

उन्होंने कहा, "मुर्गियों को मारने के लिए प्रभावित ज़िलों में हमें और टीमों की ज़रूरत है क्योंकि यह काम जल्दी में पूरा नहीं किया जा सकता."

लेकिन पता लगा है कि सरकारी की टीम संक्रमणयुक्त मुर्गियों को पकड़ने और मारने के लिए ग्रामीणों की मदद ले रही हैं जो काफ़ी चिंताजनक है.

पशु चिकित्सक देबजीत ब्रह्म का कहना है, "सरकारी कर्मचारियों के पास तो ऐसे सूट होते हैं जो सुरक्षात्मक होते हैं लेकिन ग्रामीण तो पूरी तरह असुरक्षित होते हैं उनके पास तो दस्ताने तक नहीं होते. इसलिए इस काम में उनकी मदद लेना बेहद ख़तरनाक है.